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भण्डारी अदबी ट्रस्ट रजि. ने चण्डीगढ़ साहित्य अकादमी के पदाधिकारयों का किया सम्मान एवं त्रिभाषीय काव्य गोष्ठी का भी हुआ आयोजन

Panchkula (sursaanjh.com bureau), 28 October:
भण्डारी अदबी ट्रस्ट रजि. ने चण्डीगढ़ ने वीयगत शाम साहित्य अकादमी के नवनियुक्त पदाधिकारयों का सम्मान और त्रिभाषीय काव्य गोष्ठी का जिमखाना क्लब सेक्टर 6, पंचकूला के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन शायर जतिंदर परवाज़ ने किया और पदाधिकारयों का परिचय साहित्यकार प्रेम विज ने दिया। ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रसिद्ध शायर अशोक भण्डारी नादिर ने चण्डीगढ़ के साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग एवं सचिव सुभाष भास्कर का अंगवस्त्र, फूल और हार पहना कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सेवा निर्वित निदेशक प्रोफेसर सुभाग्य वर्धन और विशेष अतिथि के के शारदा, अध्यक्ष स्वतंत्रता सैनानी उत्तराधिकारी कल्याण संग रहे।
त्रिभाषीय काव्य गोष्ठी में लगभग 40 शायरों ने भाग लिया, सुरजीत धीर ने तरन्नुम में अशोक नादिर की ग़ज़ल पेश की।
तत्पश्चात शम्स तबरेज़ी ने फ़रमाया – जो ऐब की है चीज़ हुनर हो गयी तो फिर/ इस बात की किसी को खबर हो गयी तो फिर। कृष्ण कुमार तूर साहब ने फ़रमाया – हमने तुमको तुम से मांग लिया/ सादगी-ऐ-सवाल क्या कहिये। फखर-ऐ-हरियाणा बी डी कालीया साहब ने फ़रमाया – रहगुज़र या नक़्शे पा मिलता नहीं तो क्या हुआ/ जिसपे रक्खोगे कदम वो रास्ता हो जायेगा। अशोक नादिर साहब ने फ़रमाया – रस्मे वफ़ा जहान में हो आम जाएगी/ ईमां तलाश कीजिये ईमां सजाइये। कवी दरबार में इन कवियों ने शिरकत की – सुरिंदर गिल, गणेश दत्त, संतोष कुमारी धीमान, चमन शर्मा चमन, राजन सुदामा, कृष्णा गोयल, करन सहर, आर पी मल्होत्रा,  डॉ. तिलक सेठी, सुदेश नूर, ललित शर्मा, राशि श्रीवास्तव, सविता गर्ग, डॉ. संगीता गीत, शीनू वालिआ आदि।

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