Patiala (sursaanjh.com bureau), 1 Feburary:


गवर्नमेंट स्टेट कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पटियाला की प्रिंसिपल डॉ. दपिंदर कौर आज लगभग 30 वर्ष 11 माह 16 दिन की निस्वार्थ, ईमानदार और समर्पित सरकारी सेवा के उपरांत सेवानिवृत्त हो गईं। इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें सम्मान चिह्न भेंट कर उनकी विशिष्ट सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। विदाई समारोह के दौरान कॉलेज के विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. दपिंदर कौर की शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे सादगी, अथक परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने की एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। डॉ. दपिंदर कौर का जन्म 5 जनवरी 1968 को पिता श्री रजिंदर सिंह हजूरिया एवं माता श्रीमती हरजीत कौर के यहां नदौन, जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से प्राप्त की तथा 1982 में धर्मशाला से दसवीं कक्षा प्रथम स्थान के साथ उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनकी शैक्षणिक यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही। उन्होंने 1987 में बी.एससी. (मेडिकल) डी.ए.वी. कॉलेज कांगड़ा से, 1989 में एम.एससी. केमिस्ट्री, 1990 में एम.फिल (फिजिकल केमिस्ट्री) स्वर्ण पदक सहित, तथा 1993 में पी.एच.डी. (फिजिकल केमिस्ट्री) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पूर्ण की। डॉ. दपिंदर कौर ने अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत 16 जनवरी 1995 को सरकारी कॉलेज रोपड़ में लेक्चरर के रूप में की। लगभग 12 वर्षों तक वहां सेवाएं देने के उपरांत 6 जुलाई 2007 को सरकारी कॉलेज एस.ए.एस. नगर मोहाली में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुईं। इसके पश्चात 12 मई 2010 को उनका तबादला पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, चंडीगढ़ में हुआ, जहां उन्होंने लगभग 16 वर्षों तक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। 19 जुलाई 2024 को उन्हें पदोन्नत कर गवर्नमेंट स्टेट कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पटियाला में प्रिंसिपल के पद पर नियुक्त किया गया। यहां उन्होंने कुशल प्रशासन, दूरदर्शी सोच तथा डी.पी.आई. (कॉलेज) द्वारा सौंपी गई प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भली-भांति निर्वहन करते हुए 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्ति प्राप्त की। सरकारी सेवा के दौरान डॉ. दपिंदर कौर पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला की सीनेट की सदस्य, बोर्ड ऑफ स्टडीज की सदस्य रहीं तथा निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा उन्हें पंजाब एजुकेशन विषय की विशेषज्ञ के रूप में भी नामित किया गया। उन्होंने प्रत्येक जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से निभाते हुए संस्थानों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. दपिंदर कौर की सेवानिवृत्ति के साथ शैक्षणिक जगत ने एक अनुभवी, संवेदनशील और समर्पित व्यक्तित्व को विदाई दी है, किंतु उनकी सोच, सेवा और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

